Friday, March 15, 2019

इजराइल- सफलता और जिद का पर्याय

इजराइल एक ऐसा देश जिसे दुनिया के नक़्शे पे ढूढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन अपनी ताकत से दुनिया को अपनी उपस्थिति का एहसास कराता रहता है I जनसंख्या की अगर बात करे तो दिल्ली की जनसंख्या का दो तिहाई है, लेकिन रुतबा ऐसा कि किसी की हिम्मत नहीं आँख उठा के इजराइल की तरफ देख सके I चारो तरफ से दुश्मनो से घिरा हुआ यह देश, दुनिया का सबसे सुरक्षित और ताकतवर देश माना जाता है I इजराइल ने अपनी कमजोरी को अपना हथियार बनाकर साबित कर दिया, कि अगर जिद हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है I इस छोटे से देश की तरफ आँखे उठाकर देखने वालो की यह आँखे निकाल लेता है I न सिर्फ सुरक्षा बल्कि तकनीकी और आर्थिक रूप से भी इजराइल दुनिया के कुछ गिने ताकतवर देशो में आता है I यहूदियों का दुनिया भर में एकमात्र देश इजराइल ने इस मुकाम तक पहुंचने से पहले जितना कठिन संघर्ष और त्याग किया है शायद ही ऐसा उदाहरण आपको मिले I

इतिहास-
जर्मनी में हिटलर के शासनकाल के दौरान 6 लाख यहूदियों का कत्लेआम किया गया I द्रितीय विश्व युद्ध के बाद दुनियाभर में बचे हुए यहूदियों ने अपने लिए एक अलग देश की मांग शुरू की I  संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रयास से 1948 में फिलिस्तीन से यहूदियों की आबादी वाले एक छोटे से क्षेत्र को अलग कर, एक नया नाम दे दिया गया जिसे इजराइल कहा गया I हालाँकि अरब देशो ने इसका पुरजोर विरोध किया और इजराइल को अलग देश की मान्यता देने से इंकार कर दिया I इजराइल को अपना अस्तित्व बचाने के लिए अरब देशो से संघर्ष करना पड़ा I 11 मई 1949 को इजराइल को संयुक्त राष्ट्र संघ ने बहुमत से एक अलग देश की मान्यता दे दी I अरब देश,जॉर्डन, इजिप्ट और फिलिस्तीन ने इजराइल के अस्तित्व को मानने से इंकार कर दिया और यही से शुरुआत हुई इजराइल और इन सभी देशो के बीच संघर्ष की कहानी जो आज भी चली आ रही  है I

इजराइल और अरब देशो का संघर्ष- संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1949 में इजराइल को एक अलग देश की मान्यता देने बाद, सभी अरब देशो ने संयुक्त रूप से इजराइल को बहिष्कार (Boycot) करने का सामूहिक निर्णय लिया I अगर किसी देश ने सबसे ज्यादा आक्रमण और युद्ध झेला है तो वह है इजराइल I 1949 के बाद अरब देशो ने संयुक्त रूप से इजराइल के ऊपर कई बार आक्रमण किया I लेकिन इस छोटे से देश ने हर बार मुंह तोड़ जवाब दिया और मज़बूत होता गया I यही संघर्ष सबसे कारण है इजराइल के सुपरपावर बनने का, क्योकि इजराइल को अच्छे से पता था कि इस परिस्थिति में जीवित रहने के लिए ताकतवर होना बहुत जरुरी है I आज इजराइल जिस मुकाम पर खड़ा है वह तक पहुंचने के लिए इसे काफी भारी कीमत चुकानी पड़ी है I

जून वॉर या 6 डेज वॉर (June war or 6 days war)-
1950 के बाद मिस्र (Egypt)  ने इजराइल के समुद्री जहाजों के रास्तो को अवरुद्ध कर दिया I जिसकी वजह से दोनों देशो के बीच तनाव बढ़ता गया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रयासों से हर बार मामले को शांत करने का प्रयास किया गया I तनाव को देखते हुए जॉर्डन और मिस्र (Egypt) ने जून 1967 में एक समझौता किया I जिसके अंतर्गत इजराइल से युद्ध की स्थिति में दोनों देश संयुक्त रूप से मिलकर इजराइल पर अटैक करेंगे I  5 जून, 1967 को जॉर्डन,इजिप्ट,इराक ,लेबनॉन ,सीरिया , फिलिस्तीन ने संयुक्त रूप से इजराइल के ऊपर अटैक कर दिया, जिसका समर्थन सभी अरब देशो ने किया I इस युद्ध को 'जून वॉर या 6 डेज वॉर' के नाम से जाना जाता है I लेकिन इन सभी देशो से चारो तरफ से घिरे हुए इजराइल ने एयर स्ट्राइक कर सभी हथियारों और लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया और अकेले लड़ते हुए सिर्फ 6 दिनों में इन देशो को घुटने टेकने पर मज़बूर कर दिया I इजराइल के लिए यह जीत काफी अप्रत्याशित थी I  इस युद्ध के बाद इजराइल ने काफी बड़ा क्षेत्र इन देशो से छीनकर अपने साथ मिला लिया और दुनिया के मानचित्र में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज की I कब्ज़ा किये गए क्षेत्रो में गाज़ा और पेनिनसुला मिस्र (Egypt) से, वेस्ट बैंक जॉर्डन से और गोलन हाइट्स सीरिया से प्रमुख थे I
इजराइल को सैन्य और आर्थिक महाशक्ति बनाने वाले स्तम्भ - जून वॉर के बाद इजराइल ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और सुरक्षा और आर्थिक मोर्चे पे अपने को सशक्त बनाते हुए सैन्य और आर्थिक महाशक्ति के रूप अपनी पहचान बना ली I यह एकमात्र देश है जो अटैक के बाद सबसे त्वरित कार्यवाही करता है और अपने एक नागरिक की जान के बदले 10 जान लेने में विश्वास करता है I अब बात करते है उन स्तम्भों की जिनकी वजह से इजराइल एक आर्थिक और सैन्य महाशक्ति बन पाया I


 मोसाद (Mossad) -

इजराइल को सुपर पावर बनाने में 'मोसाद (Mossad)' का बहुत बड़ा हाथ है I मोसाद इजराइल की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (National Investigation Agency) का नाम है जिसे दुनिया की सबसे खतरनाक जाँच एजेंसी माना जाता है I मोसाद की रणनीति इतनी ज़बरदस्त है किसका कोई तोड़ नहीं I हर एक संघर्ष में मोसाद ने अपनी सार्थकता सिद्ध की है I म्यूनिख ओलिंपिक (Munich Olympic) ऑपरेशन जिसे 'ऑपरेशन राथ ऑफ़ गॉड Operation of wrath of god)'  के नाम से भी जाना जाता है  और 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट (Operation Thunderbolt)' कुछ ऐसे ऑपरेशन्स है जिसका इतिहास में कोई मिसाल नहीं I बात 'ऑपरेशन राथ ऑफ़ गॉड Operation of wrath of god)' की अगर बात करे तो साल 1972 में म्यूनिख ओलिंपिक (Munich Olympic) के दौरान 'फिलिस्तीन लिबरेशन आर्मी ( Palestine Liberation Army)' के कुछ आतंकियों द्वारा ओलिंपिक में भाग ले रहे इजराइल के 11 खिलाड़ियों को मार दिया गया I इस हत्याकांड के बाद इसरायली प्रधानमंत्री ने सभी खिलाड़ियों के परिवार वालो से मिलकर उन्हें विश्वास दिलाया कि इस हत्याकांड में शामिल सभी आतंकियों को मारा जायेगा, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाये I इस हत्याकांड के बाद इजराइल ने फिलिस्तीन पे हमला कर 1,000 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया I लेकिन इसरायली खिलाड़ियों के हत्याकांड में शामिल सभी आतंकी बच निकले और दुनिया के अलग-अलग देशो में जाकर छिप गए I इजराइल सरकार ने मोसाद को इन सभी आतंकियों को पहचान कर मारने का आदेश दिया I मोसाद ने एक पूरी राणिनीति तैयार की और प्रशिक्षित कमांडोज़ की एक टीम तैयार की I इस पुरे ऑपरेशन को   'ऑपरेशन राथ ऑफ़ गॉड Operation of wrath of god)' नाम दिया गया और यह ऑपरेशन 1972 से 1988 तक चला, जब तक सभी आतंकी मार नहीं दिए गए I मोसाद के एजेंट्स ने दुनिया के अलग-अलग कोनो में छिपे दोषियों को पहचान कर मार गिराया I इस ऑपरेशन को जिस तरीके से अंजाम दिया गया वह अपने आप में एक मिसाल था I

 तकनीक- 

 मैन पावर ना रहते हुए भी अगर इजराइल सुपर पावर है तो उसका पूरा श्रेय वहां की उन्नत तकनीक को दिया जाता है I इजराइल की तकनीक का लोहा पूरी दुनिया मानती है I अगर इजराइल की तरफ कोई आँख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करता तो उसका सबसे बड़ा कारण इजराइल की उन्नत तकनीक है I अमेरिका के बाद इजराइल दूसरा देश है जो अपनी सकल घरेलु उत्पाद (Gross Domestic Product) का सबसे बड़ा हिस्सा रिसर्च एंड डेवेलपमेंट (Research and Development) पर खर्च करता है I इजराइल सकल घरेलु उत्पाद (Gross Domestic Product) का तक़रीबन 5% तकनीक के रिसर्च एंड डेवेलपमेंट (Research and Development) पर खर्च करता है I इजराइल की उन्नत तकनीक के कुछ उदाहरण है I
  1. इजराइल दुनिया का एकमात्र देश है जिसने अपनी अंतराष्ट्रीय सीमा की रखवाली के लिए रोबोट लगा रखा है I  
  2. इजराइल दुनिया का एकमात्र देश है जिसने एंटी बैलिस्टिक मिसाइल लगा रखा है I इसका मतलब है कि कोई भी मिसाइल या बम इजराइल की धरती को छू नहीं सकता, यह बैलिस्टिक मिसाइल उन्हें हवा में ही नष्ट कर देती है I
  3. इजराइल पूरा मरुस्थल है इसलिए पीने के पानी की समस्या रहती थी I इसके लिए उसने समुद्र के खारे पानी को मीठे पीने योग्य पानी में बदलने की उन्नत तकनीक इज़ाद की और आज पुरे इजराइल को इसी तकनीक की बदौलत पीने के लिए मीठा पानी उपलब्ध है I
  4. मरुस्थल होने के बावजूद इजराइल ना सिर्फ कृषि उत्पादों में आत्मनिर्भर है बल्कि उसका निर्यात भी करता है I यह इसरायली तकनीक का जीवित उदाहरण है I
  5. दुनिया के सबसे उन्नत और आधुनिक हथियार इजराइल के पास ही है और इसी तकनीकी रूप से उन्नत हथियारों के दम पर इजराइल सीना तान कर खड़ा रहता है I 
आर्थिक आत्मनिर्भरता - 
बिना आर्थिक रूप से मज़बूत हुए आगे नहीं बढ़ा जा सकता I इजराइल ने प्राकृतिक संसाधन ना होते हुए भी जिस तरीके से आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्पन्नता हासिल की वह काबिले तारीफ है I इजराइल ने अर्थव्यस्था को गति देने के लिए स्टार्ट उप आइडियाज को प्रोत्साहित किया, जिसके परिणाम स्वरुप इसरायली फर्मे दुनिया भर में बाजार में छा गई I
  1. इजराइल में बेरोजगारी दर सिर्फ 3% है, जो दुनिया भर में सबसे कम है I 
  2. इजराइल की प्रति व्यक्ति आय 43,000 है, जो भारतीय रूपये में तक़रीबन ₹ 30,00,000 बैठती है I
  3. इजराइल दुनियाभर में हथियारों का प्रमुख निर्यातक है I 
  4. अमेरिका के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नैस्डेक (Nasdaq) में अमेरिका और चीन के बाद सबसे ज्यादा लिस्टेड कम्पनीज इजराइल की है I
  5. निवेश के हिसाब से इजराइल को सबसे सुरक्षित देश की श्रेणी में रखा जाता है और यही कारण है कि दुनियाभर के निवेशकों के लिए इजराइल पसंदीदा देश है I
  6. इतने छोटे से देश में 150 से ज्यादा खूबसूरत बीचेस (beaches) विकसित किये गए है जिसकी वजह से यहाँ विदेशी पर्यटक आकर्षित होते है और पर्यटन को बढ़ावा मिला है I
  7. इजराइल को नई तकनीक के विकास का हब माना जाता है I

1 comment:

  1. Very inspiring post and I was not knowing all these facts about Israel.

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