Sunday, March 17, 2019

मनोहर पर्रिकर- स्वच्छ छवि और मज़बूत व्यक्तित्व के राजनेता

एक स्वच्छ छवि और मज़बूत राजनेता की पहचान रखने वाले गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का 17 मार्च 2019 को 63 वर्ष की उम्र में निधन हो गया I मनोहर पर्रिकर एक साल से पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे और अंत में ज़िन्दगी की जंग हार गए I अपने अब तक की ज़िन्दगी में मैंने दो नेताओ अटल बिहारी बाजपेयी और मनोहर पर्रिकर को देखा, जिनके मृत्यु पर पूरा हिंदुस्तान रोया चाहे वह किसी भी राज्य का हो, किसी भी धर्म का हो, किसी भी जाति का हो, किसी भी आयु वर्ग का हो I क्योकि इन दो नेताओ ने राजनीति में मूल्य, अनुशासन, सादगी, ईमानदारी की नई मिसाल पेश की भारतीय राजनीति में ऐसे राजनेताओ की बेहद कमी है I उनके कद का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोवा के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मुख्यमंत्री  कार्यालय में मनोहर पर्रिकर कि कुर्सी पर उनकी तस्वीर लगा रखी है और साथ में अपनी कुर्सी I इन नेताओ ने पैसा नहीं कमाया लेकिन जो कमाया वो पैसे से नहीं ख़रीदा जा सकता I मैंने अपनी जिंदगी में इतने सकारात्मक सोच रखने वाला इंसान नहीं देखा I इतनी गंभीर बीमारी के बावजूद लगातार काम करते रहे यहाँ तक कि जब वह अस्पताल में भर्ती थे, तब भी लगातार बैठके करते रहे I मतलब कभी भी एहसास नहीं हुआ कि पर्रिकर इतनी गंभीर बीमारी की चपेट में है I अभी कुछ दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद वह से छुट्टी लेकर और नाक में पाइपलाइन लगाकर विधानसभा में आकर बजट पेश किया उनके इस जज्बे को देखर हर कोई स्तब्ध था मरते दम तक देश और गोवा की सेवा में लगातार लगे रहे I

प्रारंभिक जीवन- मनोहर पर्रिकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को मापुसा, गोवा में एक हिन्दू ब्राह्मण परिवार में हुआ था I इनके पिता का नाम गोपाल कृष्ण पर्रिकर और माता का नाम राधाबाई पर्रिकर था I उनकी प्रारंभिक शिक्षा लोयोला हाई स्कूल, मारगाओ में हुआ I बचपन से पढ़ने में बुद्धिमान पर्रिकर ने भारतीय प्रौद्यिकी संस्थान, मुंबई (Indian Institute of Technology, Mumbai) से स्नातक की पढाई की I भारतीय प्रौद्यिकी संस्थान, मुंबई ( (Indian Institute of Technology, Mumbai) से उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चूका है I 26 वर्ष की आयु में मनोहर पर्रिकर की शादी मेधा पर्रिकर से हुई जिनसे उनके दो बच्चे है उत्पल पर्रिकर और अभिजीत पर्रिकर I साल 2001 में मनोहर पर्रिकर की पत्नी का निधन हो गया I मनोहर पर्रिकर की व्यक्तिगत जिंदगी काफी उतार-चढाव वाली रही, लेकिन पर्रिकर का आत्मविश्वास अडिग रहा I
                  


राजनीतिक सफर- मनोहर पर्रिकर राजनीति में आने से पहले राष्ट्रवादी संगठन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रचारक थे I साल 1988 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और भाजपा से जुड़ गए I 1994 में गोवा विधानसभा चुनाव में पणजी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए I मनोहर पर्रिकर भारत के पहले विधायक और मुख्यमंत्री थे जो भारतीय प्रौद्यिकी संस्थान से पढाई की थी I साल 2000 में पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने और मृत्यु से पहले चार बार इस पद पर बने रहे I साल 2014 में भारी बहुमत से केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पर्रिकर को रक्षा मंत्री बनाया गया और 2017 तक इस पद पर पर बने रहे I लेकिन मनोहर पर्रिकर ने वापिस गोवा जाकर मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई और इस पद से इस्तीफा देकर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और मृत्युपर्यन्त इस पद पर बने रहे I

म्यांमार में आतंकी कैंपो का सफाया - 2014 में जब मनोहर पर्रिकर को भारत का रक्षा मंत्री बनाये जाने का निर्णय  सबको हैरान करने वाला था I क्योकि मनोहर पर्रिकर को केंद्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं था और ऊपर से रक्षा मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण पद देना, उससे भी ज्यादा अविश्वश्नीय था I खुद मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि मुझे इस क्षेत्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं I  जून 2015 में NSCN-K के आतंकियों ने मणिपुर में डोगरा रेजिमेंट पर हमला कर 18 जवानो की जान ले ली I NSCN-K के आतंकियों का सुरक्षित ठिकाना म्यांमार था जहां भारत हमला नहीं कर सकता था I लेकिन पर्रिकर ने 18 जवानो के मौत का बदला लेने की ठान ली और बिना म्यांमार सरकार को बताये 4 जून,2015 को म्यांमार की सीमा में घुसकर तक़रीबन 80-100 आतंकियों को मार गिराया I इस पुरे ऑपरेशन में सिर्फ एक भारतीय जवान शहीद हुआ I इस ऑपरेशन के बाद आलोचकों को भी मनोहर पर्रिकर के निर्णय और नेतृत्व क्षमता की तारीफ करनी पड़ी I

पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक के मास्टर माइंड- जब इस ऑपरेशन की सफलता का जश्न मनाया जा रहा था, तभी एक पत्रकार ने मनोहर पर्रिकर से सवाल पूछा क्या भारत ऐसे ही साहस पाकिस्तान के खिलाफ दिखा सकता है इस सवाल से मनोहर पर्रिकर झेप गए और काफी अपमानित महसूस किया I लेकिन पर्रिकर बातो से नहीं एक्शन से जवाब देने में विश्वास करते थे I लेकिन पाकिस्तान परमाणु संपन्न राष्ट्र है और उसके सीमा में घुसकर हमला करना बहुत बड़ा जोखिम भरा काम था I वैसे भी पाकिस्तान म्यांमार ऑपरेशन के वक़्त भारत को धमकी दे चूका था I पाकिस्तान सेना प्रमुख ने कहा था भारत पाकिस्तान को म्यांमार समझने की गलती ना करे I 18 सितम्बर ,2016 को 4 पाकिस्तानी आतंकियों ने उरी स्थित भारतीय सेना के कैंप पर हमला कर 19 जवानो को शहीद कर दिया I मनोहर पर्रिकर ने इस बार पाकिस्तान को सबक सीखने की ठानी हमले के ठीक 11 दिन बाद यानि 29 सितम्बर,2016 को मनोहर पर्रिकर के निर्देशनुसार भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक किया और 40 के करीब आतंकियों को मार गिराया I यह ऑपरेशन इतने ख़ुफ़िया तरीके से किया गया था की किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी I पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया हैरान थी भारतीय सेना के इस सर्जिकल स्ट्राइक से I सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही की इस पुरे ऑपरेशन में भारत की तरफ से किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ I मनोहर पर्रिकर के अनुभव पर सवाल उठाने वालो के लिए यह स्पस्ट सन्देश था कि अनुभव से ज्यादा आत्मविश्वास और जिद्द की जरुरत होती है किसी काम को करने के लिए I

पद ग्रहण (Position held)- 
  • 1994- पणजी से भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए I
  • 1999- पणजी से भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधायक चुने गए I
  • 1999- गोवा विधानसभा में नेता विपक्ष चुने गए I
  • 2000- पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री की शपथ ली और 2002 तक इस पद पर बने रहे I 
  • 2002- दूसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री चुने गए और 2005 तक इस पद पर बने रहे I
  • 2012- तीसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री चुने गए और 2014 तक इस पद पर बने रहे I 
  • 2014- पहली बार राज्य सभा सदस्य के रूप में शपथ ली I
  • 2014- पहली बार केंद्र में रक्षा मंत्री का पद संभाला और 2017 तक इस पद पर बने रहे I
  • 2017- चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री की शपथ ली और मृत्यु पर्यन्त इस पद पर बने रहे I 
मनोहर पर्रिकर के बारे में कुछ रोचक तथ्य -

  • भारतीय प्रौद्यिकी संस्थान (Indian Institute of Technology) से बी.टेक (B.Tech.) की डिग्री लेने वाले भारत के पहले विधायक और मुख्यमंत्री बने I 
  • मनोहर पर्रिकर अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे, उन्होंने मुख्यमंत्री रहते  हुए कोई भी सरकारी सुविधा नहीं ली थी I
  • गोवा के मुख्यंमंत्री रहते हुए पर्रिकर अपनी स्कूटर से ही ऑफिस आया-जाया करते थे I
  • मनोहर पर्रिकर की निर्णय क्षमता को देखकर 2014 में केंद्र सरकार ने उन्हें रक्षा मंत्री बनाया, हालाँकि मनोहर पर्रिकर गोवा नहीं छोड़ना चाहते थे I
  • रक्षा मंत्री बनने के बाद मनोहर पर्रिकर ने काफी ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए I मनोहर पर्रिकर को पाकिस्तान पे सर्जिकल स्ट्राइक का मास्टर माइंड माना जाता है I
  • 2001 में गोवा के मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर पर्रिकर ने गोवा के 51 प्राइमरी स्कूल्स का नियन्त्र  राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के शैक्षिक संस्था 'विद्या भारती' को दे दिया, जिसपे काफी विवाद हुआ था I
  • मनोहर पर्रिकर ने 2017 में गोवा जाने की इच्छा जताई और रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया I
  • नरेंद्र मोदी को केंद्र में लाने की वकालत सबसे पहले मनोहर पर्रिकर ने ही की थी I
  • लाल कृष्ण अडवाणी के नेतृत्व में 2009 का चुनाव हारने के बाद मनोहर पर्रिकर ने आडवाणी को सड़ा हुआ टमाटर कहा था I  और यही कारण है कि मनोहर पर्रिकर नितिन गडकरी को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया जबकि सबसे बड़े दावेदार पर्रिकर ही थे I
  • रक्षा मंत्री रहते हुए मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पहली बार म्यांमार की  सीमा में घुसकर कार्यवाही किया और आतंकियों के कैंप को तबाह कर दिया I
  • मनोहर पर्रिकर ने रूस से ख़रीदे जाने वाले S-400 की खरीद योजना में दखल देकर 49,300 करोड़ रूपये बचाये I 
  • पूर्व सैनिको के लिए ओने रैंक ओने पेंशन योजना और अन्य कई लाभ दिए I
  • अंग्रेज़ो के ज़माने से चले आ रहे कई कानूनों में बदलाव किया I
  • कैंसर से झूझने के बावजूद सक्रिय रूप से ज़िन्दगी के अंतिम क्षण तक मुख्यमंत्री का कार्यभार देखते रहे I यहाँ तक कि बजट नाक में पाइप लगाकर पेश किया इस जज्बे को हर तरफ सलाम किया गया I
  • मनोहर पर्रिकर बाजार सब्जी लेने खुद ही जाते थे, वह भी अपनी साईकिल या स्कूटी से I एक बार बाजार जाते समय मनोहर पर्रिकर को एक ऑडी सवार ने टक्कर मर दी और पर्रिकर वही पर गिर पड़े I उसके बाद लड़के ने मनोहर पर्रिकर को काफी बुरा भला कहा और धमकाया मैं यहाँ के DSP  का बेटा हु I मनोहर पर्रिकर ने बस इतना ही बोला बेटा गाड़ी सावधानी से चलाया करो और चले गए बाद में लोगो को समझ में आया कि यह मुख्यमंत्री पर्रिकर थे I
सम्मान और पुरष्कार- 
  • 2018- राष्ट्रीय तकनीक संस्थान, गोवा द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि I
  • 2012- CNN-IBN द्वारा इंडियन ऑफ़ द ईयर का अवार्ड ( Indian of the year) I
  • 2001- भारतीय प्रौद्यिकी संस्थान, मुंबई ( (Indian Institute of Technology, Mumbai) द्वारा मानद उपाधि I








1 comment:

  1. मैंने शायद ही इतनी सादगी वाला दूसरा मुख्यमंत्री देखा हो गोवा के मुख्यमंत्री होते हुए भी पुरे देश में लोकप्रिय थे I

    ReplyDelete