Wednesday, April 3, 2019

लाल बहादुर शास्त्री - भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष

लाल  बहादुर शास्त्री एक ऐसा नाम जिसे सुनकर हर एक भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है I एक ऐसा राजनेता जिसने ईमानदारी, सादगी, त्याग और बहादुरी की ऐसी मिसाल पेश की जिसका कोई जवाब नहीं I एक  गरीब परिवार से प्रधानमंत्री बनने तक का सफर इतना आसान नहीं था, लेकिन संघर्ष करते हुए उस मुकाम तक पहुंचे I भारतीय राजनीति में ऐसा नेता ना तो कभी हुआ और नहीं होगा I
जन्म- भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर, 1904 को दीनदयाल उपाध्याय नगर , उत्तर प्रदेश में एक कायस्थ परिवार में हुआ था I लाल बहादुर शास्त्री का वास्तविक नाम लाल बहादुर श्रीवास्तव था, लेकिन काशी विद्यापीठ से शास्त्री की डिग्री लेने के बाद उनका नाम लाल बहादुर शास्त्री पड़ गया I लाल बहादुर शास्त्री के पिता का नाम शारदा प्रसाद श्रीवास्तव और माता का नाम रामदुलारी देवी था I लाल बहादुर शास्त्री के पिता स्कूल अध्यापक थे और माता गृहणी थी I दो भाई- बहनो में शास्त्री जी दूसरे नंबर के थे I जब लाल बहादुर शास्त्री सिर्फ एक साल के थे, उनके पिता की मृत्यु हो गई I शास्त्री जी का बचपन उनके नाना के घर बीता I शास्त्री जी का बचपन काफी अभावो और संघर्षो में बीता, और यही कारण है लाल बहादुर शास्त्री वक़्त के साथ मज़बूत होते गए I शास्त्री जी की प्रारंभिक शिक्षा दीनदयाल उपाध्याय नगर से ही हुई और उच्च शिक्षा काशी विद्यापीठ, वाराणसी से हुई I काशी विद्यापीठ, वाराणसी से लाल बहादुर शास्त्री ने 'शास्त्री' की उपाधि ली I लाल बहादुर शास्त्री पढाई करने के लिए प्रतिदिन गंगा नदी पार कर स्कूल जाया करते थे I लाल बहादुर शास्त्री का विवाह ललिता श्रीवास्तव से हुई थी
स्वाधीनता संग्राम में योगदान - लाल बहादुर शास्त्री महान दार्शनिक और चिंतक स्वामी विवेकानंद और महान चिंतक मदन मोहन मालवीय के विचारो से काफी प्रभावित थे I 1928 में शास्त्री जी कांग्रेस के सक्रिय सदस्य बने और  अलग- अलग पदों पर कांग्रेस में बने रहे I लाल बहादुर शास्त्री ने सत्याग्रह आंदोलन, भारत छोडो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और स्वंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया I स्वंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण अंग्रेजी सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया और कुल मिलकर लाल बहादुर शास्त्री तक़रीबन 10 साल जेल में रहे I जेल में रहने के दौरान लाल बहादुर शास्त्री ने रुसी क्रांति, फ्रांस की क्रांति, और यूरोप की क्रांति के बारे में  पढ़ा और आत्मसात किया I
राजनीतिक करियर- 15 अगस्त, 1947 को आज़ादी के बाद उत्तर प्रदेश राज्य में गोविन्द वल्लभ पंत के नेतृत्व में बनी सरकार में लाल बहादुर शास्त्री सड़क और परिवहन मंत्री बने I इसके अलावा राज्य के पुलिस मंत्री (गृह मंत्री) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी I 1952 में लाल बहादुर शास्त्री को भारत का रेल मंत्री बनाया गया और वह 1956 तक इस पद पर बने रहे I 1964 में जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद शास्त्री जी भारत के प्रधानमंत्री बने और मृत्युपर्यन्त इस पद पर बने रहे I
भारत-पाकिस्तान युद्ध- अगस्त 1965 को पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख अयूब खान के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना ने भारत पे आक्रमण कर दिया लेकिन शास्त्री जी ने आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया आक्रमण के कुछ ही दिनों के अंदर भारतीय सेना ने पाकिस्तान के लाहौर तक कब्ज़ा कर लिया अब पाकिस्तान को समझ में आ गया कि अगर यह युद्ध रुका नहीं तो कुछ ही दिनों में भारतीय सेना कराची और इस्लामाबाद भी कब्ज़ा कर लेगी अयूब खान ने अमेरिका से युद्ध रुकवाने की अपील की अमेरिका ने लाल बहादुर शास्त्री से युद्ध रोकने की अपील की लेकिन शास्त्री जी ने सिरे से ख़ारिज कर दिया इसके बाद फिर अमेरिका ने शास्त्री जी को धमकी दी कि अगर युद्ध नहीं रुका तो भारत को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे लेकिन मज़बूत व्यक्तित्व के नेता शास्त्री जी ने अमेरिका की धमकी को अनसुना कर दिया लेकिन कुछ भारतीय नेताओ के धरना- प्रदर्शन कारण शास्त्री जी ने युद्ध रोकने का निर्णय लिया
मृत्यु- 10 जनवरी, 1966 को ताशकंद में रूस की मध्यस्थता से लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान के बीच समझौता हुआ और भारत ने पाकिस्तान का जीता हुआ क्षेत्र वापिस कर दिया I समझौता के बाद अचानक लाल बहादुर शास्त्री की तबियत बिगड़ने लगी और उनकी मृत्यु हो गई I भारत सरकार ने मृत्यु का कारण हृदय गति का रुकना बताया जबकि बाद में पता चला कि उन्हें ज़हर दिया गया है I यहाँ तक कि भारत सरकार ने उनकी लाश का पोस्ट मोर्टेम भी नहीं कराया और नहीं कोई जाँच कराइ गई I शास्त्री जी को किस षड़यंत्र के तहत ज़हर दिया गया यह आज भी रहस्य बरक़रार है I
लाल बहादुर शास्त्री के बारे में अनसुने तथ्य-

  1. लाल बहादुर शास्त्री को 1966 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया I
  2. भारत से युद्ध में बुरी तरह पराजय के बाद पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह अयूब खान ने  साक्षात्कार के दौरान बताया कि मुझे शास्त्री जी के सादगी से लगा कि वह एक कमजोर नेता है और यही गलती पाकिस्तान की सबसे बड़ी भूल थी I शास्त्री जी ने जिस तरह से भारतीय सेना का नेतृत्व किया अकल्पनीय था I
  3. उत्तर प्रदेश के सड़क और परिवहन मंत्री रहते हुए लाल बहादुर शास्त्री ने महिलाओ के बस कंडक्टर बनने का रास्ता साफ किया I
  4. उत्तर प्रदेश के पुलिस मंत्री रहते हुए लाल बहादुर शास्त्री ने सबसे पहले लाठी चार्ज की जगह वाटर फाॅर्स प्रयोग करने की शुरुआत की I
  5. लाल बहादुर शास्त्री के लिए लोगो की निष्ठां का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अन्न की कमी होने पर शास्त्री जी ने सप्ताह में एक दिन व्रत रखने का आह्वान किया I जिसे पुरे भारत ने स्वीकार किया जिसे 'शास्त्री व्रत ' के नाम से जाना है I
  6. युद्ध के दौरान अमेरिका ने गेंहू का आयात रोक दिया और शास्त्री जी ने सप्ताह में एक दिन व्रत रखने का आह्वान किया और खर्चो की कटौती करने का आह्वान किया खुद शास्त्री जी ने अपने सारे खर्चो में कटौती की I
  7. लाल बहादुर शास्त्री ने एक रेल दुर्घटना के बाद पूरी जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था I ऐसा उदहारण भारतीय राजनीति में कम ही देखने को मिलती है I
  8. लाल बहादुर शास्त्री आज़ादी के आंदोलन के दौरान जब जेल में थे तब उनकी बेटी बीमार हो गई थी I लेकिन अँगरेज़ सरकार ने पैरोल पर रिहा करने के लिए कुछ शर्त रखी जो शास्त्री जी को मंज़ूर नहीं थी और अन्तत लाल बहादुर शास्त्री की बेटी का देहांत हो गया I 
  9. लाल बहादुर शास्त्री जब प्रधानमंत्री थे तो उनके पास सिर्फ दो जोड़ी कपड़े थे I
  10. लाल बहादुर शास्त्री ने कोई भी सरकारी सुविधा नहीं ले रखी थी, वह अपना सारा काम खुद ही करते थे I 
  11. लाल बहादुर शास्त्री ने भारतीय राजनीति में सादगी, ईमानदारी और साहस की जो मिसाल पेश की शायद ही ऐसा कोई दूसरा उदहारण मिले I
  12. भारत- पाक युद्ध के समय शास्त्री जी ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया इस नारे ने भारतीय जवानो के लिए संजीवनी का काम किया I

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