Memories

कहाँ तुम चले गए

विश्व गौरैया दिवस (World Sparrow  Day ) पर विशेष 
मुझे आज भी याद है होश सँभालने के बाद तुम्हारा पहला दीदार जब तुम्हे घर के आँगन में चहकते हुए देखा था ,फिर तो हमारा यह दिनचर्या का हिस्सा बन गया I तुम सुबह-सुबह प्रतिदिन घर के आँगन में आ जाया करती थी, मैं तुम्हे देखता और पकड़ने का असफल प्रयास करता I लेकिन तुम्हारी भी जिद्द थी हाथ न आने की I फिर स्कूल से आते ही अपना खेल शुरू हो जाता, तुम सामने नीम के पेड़ पर बैठके मुझे खेलते हुए देखती और मैं तुम्हे देखके मुस्कराता रहता I जारी रखे .... 

स्टूडेंट से पहले मैं एक लड़की हूँ    

यह बात है अगस्त 2011 की, उस समय मैं दिल्ली में एक प्राइवेट स्कूल में पीजीटी कॉमर्स हुआ करता था I उस समय मेरी उम्र करीब 24 साल की थी और यह मेरे अध्यापन करियर का तीसरा साल था I इस उम्र में दिल्ली जैसे जगह के स्कूल में सीनियर क्लास में पढ़ाना काफी चुनौतीपूर्ण काम होता है I क्योकि सीनियर क्लास के बच्चे भी करीब-करीब हम उम्र ही होते है I स्कूल में मैंने अपनी छवि एक एंग्री यंगमैन की बना रखी थी I हंसना तो शायद भूल ही गया था क्लास में प्रवेश करते ही मेरा पहला प्रश्न होता था "Where is your book, note book and have you done your home work". जारी रखे ....

90 के दशक की बचपन की यादें

" वो कागज़ की किश्ती वो बारिश का पानी, भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन वह कागज़ की किश्ती वो बारिश का पानी ". 
ज़िन्दगी में कुछ ऐसी चीज़े है जिनको ख़रीदा नहीं जा सकता I बचपन भी उन्ही चीज़ो में से एक है  जिसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती I हो सकता है आप बहुत अमीर बन जाये, लेकिन इतना अमीर कभी नहीं बन सकते कि आप बचपन को खरीद सके I बचपन में इंसान ना गरीब होता है ना ही अमीर, ना बेवकूफ होता है ना समझदार, ना हारने का गम ना जितने की ख़ुशी,ना कोई दोस्त ना कोई दुश्मन,ना हिन्दू होता है ना मुस्लिम, ना उसे पाप का डर होता है नहीं पुण्य की कामना  I जारी रखे...... 

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